Elizabethan Era (1558-1603): Chief Characteristics



Introduction: Elizabethan Era is the most fascinating period in the history of England. It is named after the greatest Queen of England, Queen Elizabeth I. The long period of the reign of Queen Elizabeth I (1558-1603) is known as the golden age in the history of England. The Elizabethan period was the period of glory and triumph in the life and literature of the English people. It is also known as the Renaissance or the Shakespearean age. This age is the first great age of drama and the second great age of poetry. The peace and the prosperity, the Renaissance and the Reformation, the liberty and stability, the discoveries and exploration etc. are the chief characteristics of the age
The Renaissance and the Reformation: In the Elizabethan age there were two potent forces– the Renaissance and the Reformation. Both the elements co-operated each other. These two elements produced a great uplifting of the spirit. The Renaissance aroused the intellect and aesthetic faculties and the Reformation awakened the spiritual nature.
The New Learning: In the Elizabethan age England felt the full effect of the revival of learning. The general atmosphere was changed with the spirit of new learning. The new learning opened a world of infinite hope and activities to the questing gaze of men. The printing press played vital role in this context. It was an age of overflowing energy and spirit. Man sought to break away from the fetters of human body and social and political bondages. They wanted to face the sun. They wanted to touch the sky. They were eager to reach to the moon and they want to talk to the stars.
The Spirit of Adventure: The keynote of the age was adventure. The spirit of adventure was so dominating that the sailors welcomed the risks. Travelling became a part of education. A visit to Italy was an essential part of it. People were crazy for travelling.
An Atmosphere of Peace, Order and Prosperity: In the Elizabethan period art and literature flourished much. It is because there was an atmosphere of peace, order and prosperity. The controversy between Roman Catholicism and Anglicanism was settled. Therefore, perfect peace and calm prevailed in the country. It was also an age of great and glorious national victories. England defeated France and Armada of Spain. The internal reactionary forces were also crushed. Thus England enjoyed internal peace and order also. The tidal waves of nationalism flowed through the country.
Discoveries and the Development of Trade and Commerce: New Islands and continents like America were discovered. England established dominance on it. Astrology also developed. It revealed new mysteries of heaven and earth. Stars were really conquered in this age. Due to the development of trade and commerce there was a huge increase in the national wealth. Thus in this period England enjoyed all round development.
Education: In those days knowledge was not regarded as an end in itself but a means to an end. The man of action was given a better regard. Thus games and sports, dance and music were important parts of their education. Drama suited the temper of the age. Thus it also flourished much.
Pomp and Show and other Evils: The Elizabethans lived in the full tide of life. Love of pomp and pageantry was an important feature of the age. People were very extravagant in dress. They lavishly spent money on rich jewels and clothes. If it was an age of learning, it was also an age of credulity and foolishness. The Elizabethans believed in witchcraft and approved torture and burning. The penal code of this age was most brutal. The rich got richer and the poor got poorer. There was unemployment in the countryside. They had but a poor idea of sanitation. Medicine was also in its infancy. London was frequently in the grip of epidemics.
Conclusion: On the whole, the Elizabethan age is really the golden age of English history. It was an age in which England enjoyed all round development.

(एलिज़बेथन युग इंग्लैंड के इतिहास में सबसे लोकप्रिय अवधि है। इसका नाम इंग्लैंड की महानतम महारानी, ​​महारानी एलिजाबेथ प्रथम के नाम पर रखा गया है। महारानी एलिजाबेथ प्रथम (1558-1603) के शासनकाल की लंबी अवधि को इंग्लैंड के इतिहास में स्वर्ण युग के रूप में जाना जाता है। एलिज़बेथन काल अंग्रेजों के जीवन और साहित्य में गौरव और विजय का काल था। इसे पुनर्जागरण या शेक्सपियर युग के रूप में भी जाना जाता है। यह युग नाटक का पहला महान युग और काव्य का दूसरा महान युग है। शांति और समृद्धि, पुनर्जागरण और धर्मसुधार, स्वतंत्रता और स्थिरता, खोज और अन्वेषण आदि युग की प्रमुख विशेषताएं हैं।

एलिज़बेथन युग में दो शक्तिशाली ताकतें थीं- पुनर्जागरण और धर्मसुधार। दोनों ताकतों ने एक दूसरे का भरपूर सहयोग किया। इन दो तत्वों ने मानव के तेवर का एक महान उत्थान किया। पुनर्जागरण ने बुद्धि और सौंदर्य संकायों को जगाया और धर्मसुधार ने आध्यात्मिक प्रकृति को जागृत किया।

एलिज़ाबेथन युग में इंग्लैंड में सीखने प्रवृति का विकास हुआ। नई शिक्षा की भावना से सामान्य वातावरण बदल गया। नई शिक्षा ने मनुष्यों की खोजी निगाहों के लिए अनंत आशा और गतिविधियों की दुनिया खोल दी। इस संदर्भ में प्रिंटिंग प्रेस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह प्रभावी ऊर्जा का युग था। मनुष्य ने सामाजिक और राजनीतिक बंधनों से अलग होने की मांग की। वे सूरज का सामना करना चाहते थे। वे आकाश को छूना चाहते थे। वे चाँद तक पहुँचने के लिए उत्सुक थे और वे सितारों से बात करना चाहते थे।

एलिज़ाबेथन युग का एक मुख्य बिंदु साहसिक कार्य था। रोमांच की भावना इतनी हावी थी कि नाविकों ने जोखिमों का स्वागत किया। यात्रा करना शिक्षा का अंग बन गया। इटली का दौरा इसका एक अनिवार्य हिस्सा था। लोग घूमने के दीवाने थे।

एलिज़बेथन काल में कला और साहित्य का बहुत विकास हुआ। ऐसा इसलिए क्योंकि वहां शांति, व्यवस्था और समृद्धि का माहौल था। रोमन कैथोलिक और एंग्लिकनवाद के बीच का विवाद सुलझा लिया गया था। इसलिए देश में पूर्ण शांति बनी रही। यह महान और गौरवशाली राष्ट्रीय जीत का भी युग था। इंग्लैंड ने फ्रांस और स्पेन के अरमाडा को हराया। आंतरिक प्रतिक्रियावादी ताकतों को भी कुचल दिया गया। इस प्रकार इंग्लैंड को आंतरिक शांति और व्यवस्था भी प्राप्त थी। देश भर में राष्ट्रवाद उबल पर था।

अमेरिका जैसे नए द्वीपों और महाद्वीपों की खोज की गई। इंग्लैंड ने इस पर प्रभुत्व स्थापित किया। ज्योतिष का भी विकास हुआ। इसने आकाश और पृथ्वी के नए रहस्यों को उजागर किया। इस युग में सितारों पर वास्तव में विजय प्राप्त की गई थी। व्यापार और वाणिज्य के विकास के कारण राष्ट्रीय धन में भारी वृद्धि हुई। इस प्रकार इस काल में इंग्लैण्ड का सर्वांगीण विकास हुआ।

उन दिनों ज्ञान को अपने आप में साध्य नहीं बल्कि साध्य का साधन माना जाता था। कर्मवीरों को बेहतर सम्मान दिया जाता था। खेल, नृत्य और संगीत शिक्षा के महत्वपूर्ण अंग बन गये। नाटक युग के मिजाज के अनुकूल था। इस प्रकार यह भी खूब फला-फूला।

एलिज़बेथन काल में कुछ छोटी मोटी बुराईयाँ भी थीं। दिखावा जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग बन गया। लोगों ने धनी रत्नों और वस्त्रों पर जमकर धन खर्च किया। यदि यह सीखने का युग था तो यह विश्वास और मूर्खता का भी युग था। एलिज़बेथन लोग जादू टोना में भी विश्वास करते थे। इस युग की दंड संहिता सबसे क्रूर थी। अमीर और अमीर होता गया और गरीब और गरीब होता गया। देहात में बेरोजगारी थी। उनके पास स्वच्छता के बारे में अच्छा विचार नहीं था। चिकित्सा भी शैशवावस्था में थी। लंदन अक्सर महामारी की चपेट में रहता था।

कुल मिलाकर, एलिज़बेथन युग वास्तव में अंग्रेजी इतिहास का स्वर्ण युग है। यह एक ऐसा युग था जिसमें इंग्लैंड का सर्वांगीण विकास हुआ था।)

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