J. Krishnamurti: An Introduction



J. Krishnamurti is one of the greatest Indian spiritual figures of the twentieth century. He is a great philosopher, thinker, religious teacher, writer and speaker. His teaching stresses universal religious values, personal insight, and autonomous self-discipline. Discipline, according to him, vitalises and regulates energy. He attempted to synthesize the Indian and the Western philosophical and psychological principles. He felt the need for a radical change in man’s life. He also emphasized the necessity of total spiritual freedom. When the Theosophical Society called him the future world teacher, this name became a worldwide sensation. Krishnamurti promulgated his message of love throughout the world in a very impressive manner.

(जे. कृष्णमूर्ति बीसवीं सदी की महानतम भारतीय आध्यात्मिक शख्सियतों में से एक हैं। वे एक महान दार्शनिक, विचारक, धार्मिक शिक्षक, लेखक और वक्ता हैं। उनका शिक्षण सार्वभौमिक धार्मिक मूल्यों, व्यक्तिगत अंतर्दृष्टि और स्वायत्त आत्म-अनुशासन पर जोर देता है। उनके अनुसार, अनुशासन ऊर्जा को जीवंत और नियंत्रित करता है। उन्होंने भारतीय और पश्चिमी दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों को संश्लेषित करने का प्रयास किया। उन्होंने मनुष्य के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता महसूस की। उन्होंने पूर्ण आध्यात्मिक स्वतंत्रता की आवश्यकता पर भी बल दिया। जब थियोसोफिकल सोसायटी ने उन्हें भविष्य का विश्व शिक्षक कहा, तो यह नाम विश्वव्यापी सनसनी बन गया। कृष्णमूर्ति ने अपने प्रेम के संदेश को बहुत प्रभावशाली तरीके से दुनिया भर में प्रचारित किया।)
Hareshwar Roy, Satna


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